- विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय जागरूकता सेमिनार
“एक भी धड़कन न छूटे” के तहत जागरूकता का दिया संदे
शैकी
होशियारपुर, 29 सितंबर: विश्व हृदय दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों तथा सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के निर्देशानुसार सिविल अस्पताल होशियारपुर में जिला स्तरीय जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस की थीम “एक भी धड़कन न छूटे” रखी गई है। सेमिनार की अगुवाई सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवजोत सिंह तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा पाल द्वारा की गई। इस अवसर पर डॉ. रणजीत सिंह, जिला परिवार कल्याण अधिकारी, विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
डॉ. रणजीत सिंह ने गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 30 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों के गैर-संचारी रोगों संबंधी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यकता अनुसार उपचार की सुविधा आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं तथा रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान करवाकर आवश्यकता अनुसार उपचार लें।
डॉ. नेहा पाल ने अपने संबोधन के दौरान हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना, नियमित व्यायाम करना तथा शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों को अधिक तेल, नमक एवं चीनी वाले खाद्य पदार्थों तथा जंक फूड से परहेज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू एवं नशे से दूर रहने के साथ-साथ रक्तचाप, मधुमेह एवं कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बीमारी होने के बाद उपचार करवाने के साथ-साथ पहले से ही सावधानियां बरतना तथा स्वस्थ आदतों को अपनाना भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने हृदय-फेफड़े पुनर्जीवन प्रक्रिया (सी.पी.आर.) की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सी.पी.आर. की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए, ताकि हृदय की धड़कन अचानक रुकने की स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता दी जा सके।
डॉ. महक, एम.डी. (मेडिसिन) द्वारा हृदय रोगों के प्रमुख कारणों, लक्षणों एवं उपचार संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि छाती में दर्द या भारीपन महसूस होना, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने हृदय रोगों से बचाव के लिए समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेने के महत्व के बारे में भी बताया।

ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर रोहित शर्मा ने कहा कि हृदय रोगों के संबंध में केवल उपचार ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को हृदय रोगों के जोखिम कारकों, शुरुआती लक्षणों तथा आपातकालीन स्थिति में किए जाने वाले उपायों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने लोगों को पौष्टिक भोजन लेने, जंक फूड से परहेज करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
सेमिनार के दौरान माता गुजरी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं श्री गुरु राम दास नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा हृदय स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली संबंधी जागरूकता चार्ट तैयार किए गए। विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
वक्ताओं द्वारा लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, तंबाकू एवं नशे से दूर रहने तथा नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए प्रेरित किया गया।
अंत में डॉ. नेहा पाल द्वारा सेमिनार में शामिल विशेष अतिथि, डॉक्टरों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों का धन्यवाद किया गया।
इस अवसर पर मैट्रन सिकंदर कौर, नर्सिंग सिस्टर्स चरनजीत कौर, परवेश, सुखप्रीत कौर एवं वीरा देवी, आई.सी.एन. हरप्रीत कौर तथा मास मीडिया विंग से संदीप सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

