होशियारपुर, 29 सितम्बर (शैकी) :
पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अविनाश राय खन्ना ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एल.पी.यू. ) फगवाड़ा तथा चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा में सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो एवं अपुष्ट सूचनाओं के बाद सामने आए हिंसक घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है और इस सारे हिंसक घटनाक्रम की जिम्मेदार पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार है।
खन्ना ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पंजाब के दो बड़े शिक्षण संस्थानों में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और अपुष्ट दावों के बाद जिस प्रकार हजारों विद्यार्थियों में भय और भ्रम का माहौल पैदा हुआ तथा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, वह बेहद गंभीर विषय है। चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं के संबंध में सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाओं के बाद प्रदर्शन हुआ, जबकि एल.पी.यू. में एक छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित सूचना के बाद हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। पंजाब पुलिस दोनों घटनाओं के कारणों और संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल दो विश्वविद्यालयों का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण की स्थिति पर गंभीर सवाल है। यदि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या उसमें किए गए दावे सही हैं तो सरकार को तत्काल दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन यदि जांच में यह सामने आता है कि वीडियो अथवा उसके साथ प्रसारित दावे झूठे, भ्रामक या मनगढ़ंत थे, तो ऐसी सामग्री तैयार करने और वायरल करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी अफवाहें विद्यार्थियों में भय और आक्रोश पैदा करके हिंसा को जन्म दे सकती हैं।

खन्ना ने कहा कि भगवंत मान सरकार को केवल बयान जारी करने के बजाय यह बताना चाहिए कि ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों हुई और प्रशासन समय रहते इसे नियंत्रित क्यों नहीं कर सका। विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार हिंसा होना, संपत्ति को नुकसान पहुंचना और कानून-व्यवस्था का बिगड़ना सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। पंजाब के विद्यार्थियों को डर और अफवाहों के माहौल में नहीं, बल्कि सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
खन्ना ने कहा कि एल.पी.यू. और चितकारा यूनिवर्सिटी दोनों घटनाओं की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। वायरल वीडियो की मूल स्रोत से जांच हो, वीडियो को सबसे पहले किसने प्रसारित किया इसकी जानकारी सामने लाई जाए, घटनाओं के पीछे किसी सुनियोजित साजिश अथवा अफवाह फैलाने की भूमिका है या नहीं इसकी जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आप सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर पंजाब की जनता और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
खन्ना ने कहा कि पंजाब की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाब और कार्रवाई चाहती है। विद्यार्थियों का भविष्य अफवाह, हिंसा और अराजकता की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता। पंजाब में कानून का राज स्थापित करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती।
