होशियारपुर, 28 सितंबर 2026: बरसात के मौसम में डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से होशियारपुर जिले में घर-घर जांच और जागरूकता अभियान जारी है। इसी अभियान के तहत सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल ने शहर के रहीमपुर क्षेत्र का दौरा कर स्वास्थ्य टीमों द्वारा की जा रही डेंगू रोधी गतिविधियों का जायजा लिया।
दौरे के दौरान सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ इलाके में घर-घर जाकर पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, जहां डेंगू मच्छर के लारवा की मौजूदगी मिली या उसके पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां दिखाई दीं, वहां तत्काल कार्रवाई कर लारवा नष्ट करवाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों को भी डेंगू से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया। खास तौर पर घरों में पानी जमा न होने देने, कूलरों और खुले बर्तनों की नियमित सफाई करने तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया।
शहर में 6 टीमें कर रहीं घर-घर जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहरी होशियारपुर में 6 टीमें लगातार घर-घर सर्वेक्षण कर रही हैं। अब तक इन टीमों ने 1,307 घरों की जांच की है। इनमें 53 घरों में डेंगू मच्छर का लारवा पाया गया।
लारवा मिलने वाले स्थानों पर उसे तुरंत नष्ट करवाने के साथ संबंधित परिवारों को भी जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। विभाग का कहना है कि डेंगू के मच्छर को पनपने से रोकने के लिए घरों और आसपास जमा होने वाले पानी की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा लगातार निगरानी
अधिकारियों के मुताबिक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना डेंगू रोकथाम गतिविधियों में लगी हुई हैं। कार्यक्रम अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों, मेल वर्करों, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशा वर्करों और एएनएम की ओर से घरों, सरकारी एवं निजी संस्थानों तथा अन्य संभावित स्थानों पर मच्छर के लारवा की जांच की जा रही है।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. जगदीप सिंह द्वारा इन गतिविधियों की निगरानी की जा रही है और फील्ड टीमों के काम की नियमित समीक्षा की जा रही है।
सप्ताह में एक दिन मनाएं ‘ड्राई डे’
सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने लोगों से अपील की कि वे घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर, खाली डिब्बे, छतों पर रखे कंटेनर और पानी जमा करने वाले अन्य सामान की नियमित सफाई करें।

उन्होंने लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की, जिसमें घर और आसपास मौजूद सभी संभावित जल स्रोतों को खाली कर साफ किया जाए।
डेंगू रोकथाम को लेकर जिला टास्क फोर्स की बैठक
डेंगू की रोकथाम को लेकर डिप्टी कमिश्नर श्रीमती आशिका जैन की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक भी हुई। बैठक में संबंधित विभागों को फील्ड स्तर पर चल रही गतिविधियों को और तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में घर-घर सर्वेक्षण, पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान, लारवा की जांच और तत्काल नष्ट करने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नगर निगम और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को संभावित हाई-रिस्क क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यकतानुसार फॉगिंग और सफाई गतिविधियां कराने के निर्देश दिए गए। वहीं शिक्षा विभाग को स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान डेंगू से बचाव को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा गया।
डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित विभागों से आपसी तालमेल के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि डेंगू की रोकथाम में प्रशासन के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
डेंगू से बचाव के लिए घरों में पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें, गमलों और छतों पर रखे कंटेनरों की जांच करें तथा पुराने टायर और खाली बर्तनों में पानी जमा न होने दें। किसी जगह लारवा दिखाई देने पर संबंधित स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना भी महत्वपूर्ण है।
कैप्शन: रहीमपुर क्षेत्र में डेंगू रोकथाम अभियान के तहत घर-घर जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।

