एस ए वी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में मनाई गई महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
शैकी
श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा संचालित एस ए वी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में जैन शिक्षण निधि के प्रधान जीवन जैन के निर्देशानुसार और स्कूल डीन श्रीमती सुनीता दुग्गल व् प्रिंसिपल श्रीमती मनु वालिया की अध्यक्षता में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मैडम अरुणा विग ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के कठिन संघर्षों के कारण ही आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। इस लिए हमारा फर्ज बनता है कि हम देश भक्तों को हमेशा याद रखें।
इस अवसर पर स्कूल प्रधान जीवन जैन जी ने अपने भेजे गए संदेश में कहा कि आज का दिवस अहिंसा दिवस के रुप में भी मनाया जाता है क्योंकि महात्मा गांधी ने अपने जीवन में सभी को अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया था और जैन धर्म भी अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाया था। गांधी जी ने हमें सिखाया की सबसे बड़ा बल सत्य का होता है और सबसे बड़ी शक्ति अहिंसा की। उन्होंने साबित किया कि बिना हिंसा के भी आजादी का आंदोलन सफल हो सकता है।
सेक्रेटरी श्री मानिक जैन ने छात्रों को श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन के बारे में बताया कि वह बहुत दूरदर्शी थे जो देश को प्रगति के मार्ग पर लेकर आये | लाल बहादुर शास्त्री महात्मा गाँधी को अपना गुरु मानते थे और उनकी राजनितिक शिक्षाओं से अत्यंत प्रभावित थे | अपने गुरु महात्मा गांधी के ही लहजे में उन्होंने कहा था कि मेहनत प्रार्थना के समान है | महात्मा गांधी के समान विचार रखने वाले लाल बहादुर शास्त्री जी इमानदारी, सादगी और त्याग के प्रतीक थे जिनका जीवन हमें नैतिकता और कर्तव्य निष्ठा की सीख देता है।
कैशियर श्री साहिल जैन जी ने कहा गांधी जी के आंदोलन जैसे की सत्याग्रह आंदोलन , चंपारण सत्याग्रह,असहयोग आंदोलन ,दांडी सत्याग्रह ,दलित आंदोलन ,भारत छोड़ो आंदोलन जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव कमजोर करने में बड़ा अहम रोल अदा किया और लाल बहादुर शास्त्री जी के सफल मार्गदर्शन में देश काफी आगे बढ़ा व उनका अनाजों की कीमतों में कटौती लाना भारत पाकिस्तान की लड़ाई में खुली छूट देना। ताशकंद समझौता जैसे उचित समय पर लिए गए निर्णय और महत्वपूर्ण कदम उठाना आदि उनकी सच्ची देशभक्ति दर्शाती है ।जिनके कारण मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डीन श्रीमती सुनीता दुग्गल, प्रिंसिपल श्रीमती मनु वालिया,श्रीमती सुषमा बाली व अध्यापकों ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन भेंट किए।

