वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सर्वे गतिविधियों को और मजबूत करने के निर्देश

होशियारपुर, 23 सितंबर (शैकी)
वेक्टर जनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जिले में चलाई जा रही गतिविधियों को और अधिक सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल द्वारा जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. जगदीप सिंह एवं एंटी मलेरिया विंग के स्टाफ सदस्यों के साथ विशेष बैठक की गई।
बैठक के दौरान वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में चल रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। फील्ड स्तर पर स्टाफ को पेश आ रही समस्याओं के संबंध में विचार-विमर्श करते हुए सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
डॉ. मनदीप कमल ने कहा कि डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए केवल मरीजों का उपचार ही नहीं, बल्कि वेक्टर के स्रोतों को समाप्त करना और समय पर सर्वे करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. जगदीप सिंह को फील्ड सर्वे गतिविधियों को और अधिक सुचारू एवं प्रभावी बनाने के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “हर शुक्रवार डेंगू पर वार” अभियान के तहत घरों, स्कूलों, कार्यालयों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर वेक्टर ब्रीडिंग साइट्स की निरंतर जांच की जाए तथा जहां भी डेंगू का लार्वा पाया जाता है, वहां तुरंत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों को अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने देने तथा कूलरों, गमलों, पानी की टंकियों एवं अन्य पानी वाले बर्तनों की नियमित सफाई करने के लिए प्रेरित किया जाए।
सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू की रोकथाम एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों, शैक्षणिक संस्थानों एवं आम जनता की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम संबंधी सर्वे एवं जागरूकता गतिविधियों में नर्सिंग विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
इस संबंध में उन्होंने जिले के नर्सिंग कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ विशेष बैठक आयोजित करने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि नर्सिंग विद्यार्थियों को डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम संबंधी सर्वे, जागरूकता एवं अन्य फील्ड गतिविधियों से जोड़ा जा सके।
डॉ. मनदीप कमल ने अधिकारियों एवं स्टाफ को निर्देश दिए कि फील्ड में की जा रही गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए तथा सर्वे के दौरान सामने आने वाली कमियों को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए समय पर सर्वे, लार्वा की पहचान, ब्रीडिंग साइट्स का उन्मूलन तथा लोगों में निरंतर जागरूकता ही प्रभावी नियंत्रण का आधार है।
बैठक के दौरान कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागीय तालमेल बढ़ाने, फील्ड गतिविधियों को और मजबूत करने तथा लोगों तक वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव संबंधी सही एवं आवश्यक जानकारी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

