60 दिनों की एक्शन प्लान के तहत नशा प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारी करेंगे दौरे, जागरूकता के माध्यम से नशे के खिलाफ देंगे संदेश
नशा प्रभावित क्षेत्रों में नशा मुक्ति, खेलों और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए पूरे जोर-शोर से किए जा रहे प्रयास
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत सहायक कमिश्नर ने गांवों में लोगों से की मुलाकात
होशियारपुर, 21 अक्टूबर: पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा विरोधी मुहिम को और गति देते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में इस बुराई पर रोक लगाने के लिए जागरूकता, खेलों और रोजगार संबंधी गतिविधियों को तेज कर दिया है।
नशे के खात्मे के लिए अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों की टीमों के साथ विभिन्न गांवों का दौरा किया जा रहा है, ताकि पहले से नशा प्रभावित क्षेत्रों को इस बुराई से मुक्त कराया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा 60 दिनों की एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है, जिसके तहत अधिकारी विभिन्न गांवों का दौरा करेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में लोगों को नशे के स्वास्थ्य और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए आपसी तालमेल से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन नशा प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बड़े स्तर पर बढ़ावा देगा, ताकि युवा अपनी आजीविका कमा सकें।
उन्होंने बताया कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए 29 अक्टूबर को जिले में एक मेगा रोजगार मेला करवाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सहायक कमिश्नर अमनदीप कौर लोगों से मुलाकात करने और नशे के खात्मे के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांवों का दौरा कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “प्रशासन ने जनहित में सभी नशा प्रभावित क्षेत्रों को कवर करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है, जहां लोगों के सहयोग से नशे पर अंकुश लगाया जा सकता है।”

सहायक कमिश्नर (अंडर ट्रेनिंग) अमनदीप कौर ने इस अभियान के तहत आज नजदीकी गांव भुंगरनी के निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी खेलों और रोजगार संबंधी गतिविधियों को मजबूत करने के साथ-साथ नशे की लत से प्रभावित युवाओं को होशियारपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाएं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए 29 अक्टूबर को गांव भुंगरनी में रोजगार मेला लगाया जाएगा। गांव में नशा रोकथाम के प्रयासों को अंतिम रूप देने, प्रभावित युवाओं के पुनर्वास और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए विभिन्न विभागों के प्रमुखों तथा ग्राम पंचायत के साथ विस्तृत मीटिंग की गई।
उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में विभिन्न औद्योगिक घराने और कंपनियां हिस्सा लेंगी। खेल विभाग द्वारा गांव में खेल गतिविधियां करवाई जाएंगी और स्थानीय युवाओं को दिन में दो बार प्रशिक्षण देने के लिए एक खेल कोच तैनात किया जाएगा। युवाओं को खेलों को अपनाने और स्वस्थ गतिविधियों में व्यस्त रहने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुणवत्तापूर्ण खेल प्रशिक्षण और पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों की पहचान करने और स्थानीय नशा मुक्ति या पुनर्वास केंद्रों में उनके उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए साप्ताहिक स्क्रीनिंग कैंप लगाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को उपचार के लिए दो युवाओं को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती भी करवाया गया।
पुलिस विभाग गांवों के प्रवेश और निकास मार्गों सहित विभिन्न स्थानों पर नियमित पुलिस नाके लगाकर निगरानी और सख्ती को भी मजबूत करेगा।
सहायक कमिश्नर ने कहा कि 60 दिनों की कार्ययोजना के तहत गांव भुंगरनी में स्थायी बदलाव लाने के उद्देश्य से रोजगार, खेल, स्वास्थ्य सेवाओं, पुनर्वास और सख्त पुलिस कार्रवाई को शामिल करते हुए बहुआयामी रणनीति के माध्यम से नशे की समस्या को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कैप्शन: सहायक कमिश्नर अमनदीप कौर बुधवार को ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से गांव भुंगरनी का दौरा करती हुईं।
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