- श्री राम वनवास का मंचन देख श्रद्धालुओं ने अश्रुधारा से दी भगवान को विदाई
होशियारपुर ()। श्री राम लीला कमेटी की तरफ से प्रधान गोपी चंद कपूर की अगुवाई में करवाए जा रहे दशहरा महोत्सव के दौरान श्री राम लीला में श्री राम वनवास यात्रा का मंचन किया गया तथा दिखाया गया कि वनवास के दौरान भगवान अपने भक्तों पर किस प्रकार कृपा करते हुए आगे बढ़ते हैं।
श्री राम लीला मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार वन में एक दिन माता सीता, राम जी तथा लक्ष्मण भ्रमण कर रहे थे तो रावण की बहन शुर्पनखा ने भगवान राम व लक्ष्मण को देखा तो उसने उन्हें क्षति पहुंचाने की बात सोची। जिस पर उसने रुप धारण किया और सुन्दर नारी बनकर श्री राम के समक्ष जाकर उन्हें विवाह का प्रस्ताव देती है।

जिस पर श्री राम उसे अस्वीकार कर देते हैं। इसके बाद वह लक्ष्मण जी से विवाह की बात कहती है तो वह भी इंकार कर देते हैं। इसके बाद क्रोध में आई शुर्पनखा उन्हें हानि पहुंचाने की बात करती है तो लक्ष्मण जी उसकी नाक काट देते हैं।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुन्दर शाम अरोड़ा, चेयरमैन शिव सूद, महासचिव प्रदीप हांडा, संजीव ऐरी, राकेश सूरी, हरीश आनंद, कमल वर्मा, तरसेम मोदगिल, रजिंदर मोदगिल, पंडित नरोत्तम शर्मा, अजय जैन, कुनाल चथरथ, सुशील पडियाल, राकेश डोगरा, दविंदर नाथ बिंदा, वरुण कैंथ, कपिल हांडा, मनोज दत्ता, कृष्ण गोपाल मोदगिल, छोटा अश्विनी, पवन शर्मा, दिवाकर कपिला, अमित गुप्ता आदि मौजूद थे।

